ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल कल से शुरू होकर दो दिनों तक चलने की संभावना है. यह भारत बंद मोदी सरकार की उन नीतियों के खिलाफ बुलाया जा रहा है, जिनसे कर्मचारियों, किसानों और आम लोगों पर गलत असर पड़ रहा है.ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल कल से शुरू होकर दो दिनों तक चलने की संभावना है. यह भारत बंद मोदी सरकार की उन नीतियों के खिलाफ बुलाया जा रहा है, जिनसे कर्मचारियों, किसानों और आम लोगों पर गलत असर पड़ रहा है

अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (All India Bank Employees Association) ने फेसबुक में कहा है कि बैंकिंग सेक्टर भी इस हड़ताल में शामिल होगा.  माना जा रहा है कि इसे असफल बनाने के लिए राज्य सरकारें एस्मा लगा सकती हैं.


दरअसल, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने 22 मार्च 2022 को दिल्ली में एक बैठक की. इसमें विभिन्न राज्यों और सेक्टर में 28-29 मार्च 2022 को दो दिवसीय अखिल भारतीय हड़ताल की तैयारियों का जायजा लिया गया. एक बयान में कहा गया है सरकार की नीतियां आम जनता, मजदूर और किसान विरोधी हैं.


बयान में कहा गया कि एस्मा (हरियाणा और चंडीगढ़) लगने की आशंकाओं के बीच रोडवेज, ट्रांसपोर्ट और बिजली कर्मचारियों ने हड़ताल में शामिल होने का फैसला किया है.बैंकिंग और इंश्योरेंस सहित फाइनेंशियल सेक्टर भी इस हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं.